Happy Makar Sankranti 2023 Wishes Live : मकर संक्रांति पर इन बधाई संदेशों से दें अपने प्रियजनों को शुभकामना
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Happy Makar Sankranti 2023 Wishes Live : मकर संक्रांति पर इन बधाई संदेशों से दें अपने प्रियजनों को शुभकामना
मकर संक्रांति पर 5 शुभ योग
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार पर गंगा स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। इस बार मकर संक्रांति पर कई तरह के शुभ योग बन रहा है। मकर संक्रांति के दिन शनि, शुक्र और सूर्य मकर राशि में त्रिग्रही योग बनेगा। इसके अलावा मकर संक्रांति चित्रा नक्षत्र, शश योग, सुकर्मा योग, वाशी योग, सुनफा योग और बालव करण योग बनेगा।
मेष और वृश्चिक राशि वाले करें इन चीजों का दान
इन राशि के जातकों के स्वामी मंगल हैं। इसलिए स्नान के बाद पुण्यकाल में तिल-गुड़, खिचड़ी, मिठाई, मसूर की दाल, मीठे चावल ,लाल या गुलाबी रंग के ऊनी वस्त्र आदि का दान करना चाहिए इसके अलावा लाल चंदन, अनार, नीबू आदि मंदिर में दान देना बेहद लाभकारी रहेगा
संक्रांति के दिन सूर्य पूजा करते समय इन बातों का ध्यान
सूर्य को जल अर्पित करते समय ध्यान रखें कि जल आपके पैरों पर न पड़ें। जल अर्पित करने के बाद उसी स्थान पर तीन बार परिक्रमा भी करें।
यदि आप उगते सूर्य को जल नहीं दे पाते हैं, तो जब भी सूर्य देव को जल अर्पित करें तो उसमें चावल और फूल अवश्य डाल लें।
सूर्य देवता को अर्घ्य देते समय ॐ घृणि सूर्याय नम: मंत्र का जप करें और दिए गए जल पर कभी पैर न रखें।
यदि संभव हो तो सूर्य देव को जल अर्पित करते समय तांबे के लोटे का इस्तेमाल करें।
मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का धार्मिक महत्व
मकर संक्रांति पर पतंग कब से और क्यों उड़ाई जा रही है, इसके बारे में कहीं कोई स्पष्ट उल्लेख तो नहीं मिलता, लेकिन तमिल की तन्दनानरामायण के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीराम ने पतंग उड़ाई थी और वह पतंग उड़कर इंद्रलोक में चली गई थी। तब से इस दिन पतंग उड़ाने की परंपरा शुरू हो गई। इस प्रसंग का वर्णन गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के बालकांड में भी मिलता है। चौपाई इस प्रकार है- 'राम इक दिन चंग उड़ाई। इंद्रलोक में पहुँची जाई॥
मकर संक्रांति पर करें ये उपाय
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर इन उपायों को करने से लाभ मिलेगा।
मकर संक्रांति की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद उगते हुए सूर्य को जल चढ़ाएं। धीरे-धीरे ऊं सूर्याय नम: मंत्र बोलते हुए सूर्यदेव को जल देने से आपकी परेशानियां दूर हो सकती हैं।
इस बार मकर संक्रांति पर व्रत रखें और दिन भर कुछ खाए नहीं। शाम को सूर्यास्त होने के बाद बिना नमक का भोजन करें।
मकर संक्रांति पर सूर्य से शुभ फल पाने के लिए तांबे का सिक्का या चौकोर टुकड़ा नदी में प्रवाहित करना चाहिए।
गुड़ एवं कच्चे चावल एक लाल कपड़े में बांधकर नदी में प्रवाहित करें। ऐसा करने से कुंडली में स्थित सूर्य दोषों में कमी आती है।
मकर संक्रांति पर सूर्य से संबंधित चीजें जैसे गेंहू, गुड़-तिल, घी, लाल कपड़े, कंबल, गर्म कपड़े आदि का दान करना चाहिए।
Conclusion
सुंदर कर्म, शुभ पर्व हर पल सुख,
और हर दिन शान्ति
आप सब के लिए लाए अबकी मकर संक्रांति।
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